क्या आपने कभी सोचा है कि “सत्य” और “असत्य”, “हित” और “अहित” जैसे शब्दों के अर्थ कैसे बदल जाते हैं? इसका कारण है उपसर्ग।
हिंदी व्याकरण में उपसर्ग एक महत्वपूर्ण विषय है, जो न केवल विद्यालयी परीक्षाओं बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी बार-बार पूछा जाता है। इस लेख में हम उपसर्ग को सरल भाषा में समझेंगे, ढेर सारे उदाहरण देखेंगे, अभ्यास प्रश्न हल करेंगे और अंत में PDF भी डाउनलोड कर सकेंगे।
उपसर्ग क्या है?
जब किसी शब्द के शुरुआत (आरंभ) में कोई छोटा शब्दांश जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता उत्पन्न करता है, तो उसे उपसर्ग कहते हैं।
उदाहरण
| उपसर्ग | मूल शब्द | नया शब्द | अर्थ |
|---|---|---|---|
| अ | सत्य | असत्य | जो सत्य न हो |
| सु | पुत्र | सुपुत्र | अच्छा पुत्र |
| परि | भ्रमण | परिभ्रमण | चारों ओर घूमना |
| प्र | गति | प्रगति | आगे बढ़ना |
इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि उपसर्ग जुड़ने पर शब्द का अर्थ बदल जाता है।

उपसर्ग की सरल परिभाषा
जो शब्दांश किसी मूल शब्द के पहले जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन या विशेषता लाते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।
याद रखें:
- उपसर्ग हमेशा शब्द के आरंभ में लगता है।
- उपसर्ग का स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता।
- उपसर्ग नया अर्थ उत्पन्न करता है।
उपसर्ग की विशेषताएँ
✔ उपसर्ग शब्द के पहले लगता है।
✔ उपसर्ग स्वयं पूर्ण शब्द नहीं होता।
✔ उपसर्ग अर्थ में परिवर्तन करता है।
✔ एक ही उपसर्ग अलग-अलग शब्दों के साथ अलग अर्थ दे सकता है।
✔ उपसर्ग की सहायता से अनेक नए शब्द बनाए जाते हैं।
उपसर्ग की पहचान कैसे करें?
यदि किसी शब्द को दो भागों में बाँटा जा सके और पहला भाग अर्थ बदलने वाला शब्दांश हो, तो वह उपसर्ग है।
उदाहरण
| शब्द | उपसर्ग | मूल शब्द |
|---|---|---|
| असत्य | अ | सत्य |
| अनपढ़ | अन | पढ़ |
| प्रगति | प्र | गति |
| उपकार | उप | कार |
| पराजय | परा | जय |
उपसर्ग के प्रकार
हिंदी में उपसर्ग मुख्यतः तीन प्रकार के माने जाते हैं।
1. तत्सम उपसर्ग (Sanskrit Prefixes)
तत्सम उपसर्ग वे उपसर्ग हैं जो संस्कृत भाषा से सीधे हिंदी में आए हैं। इनका प्रयोग मुख्यतः संस्कृत मूल के शब्दों के साथ किया जाता है।
उदाहरण
अति, अधि, अनु, अप, अभि, परि, प्रति, प्र, सम, सु, वि आदि।
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| अति | अधिक, सीमा से अधिक | अतिवृष्टि, अत्यधिक, अतिशय |
| अधि | ऊपर, श्रेष्ठ | अधिकार, अधीक्षक, अधिनायक |
| अनु | पीछे, अनुसरण करना | अनुकरण, अनुसरण, अनुज |
| अप | बुरा, हीन | अपमान, अपयश, अपशब्द |
| अभि | सामने, ओर | अभियान, अभिमान, अभिवादन |
| आ | तक, पूर्ण | आगमन, आक्रमण, आकलन |
| उप | निकट | उपकार, उपवन, उपदेश |
| परि | चारों ओर | परिवार, परिवर्तन, परिक्रमा |
| प्र | आगे, प्रारम्भ | प्रगति, प्रचार, प्रस्ताव |
| प्रति | प्रत्येक, विरोध | प्रतिदिन, प्रतिक्रिया, प्रतिरक्षा |
| वि | विशेष, अलग | विज्ञान, विरोध, विकास |
| सम् | साथ, पूर्ण | सम्मान, संबंध, संग्रह |
| सु | अच्छा, श्रेष्ठ | सुपुत्र, सुलेख, सुमन |
2. तद्भव उपसर्ग (Native Hindi Prefixes)
तद्भव उपसर्ग वे हैं जो संस्कृत से विकसित होकर हिंदी में प्रचलित हुए और सामान्य बोलचाल के शब्दों में प्रयोग किए जाते हैं।
उदाहरण
अ, अन, कु, भर, पर, बिन आदि।
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| अ | नहीं, अभाव | असत्य, अशुद्ध, असंभव |
| अन | बिना, अभाव | अनजान, अनपढ़, अनसुना |
| अध | आधा | अधपका, अधजला, अधखिला |
| उन | एक कम | उनतीस, उनचास, उनहत्तर |
| कु | बुरा | कुकर्म, कुपुत्र, कुचाल |
| सु | अच्छा | सुडौल, सुघड़, सुशील |
| भर | पूरा | भरपेट, भरपूर, भरसक |
| पर | दूसरा | परदेश, परलोक, परोपकार |
| बिन | बिना | बिनपानी, बिनबुलाए, बिनसोचे |
3. आगत (विदेशी) उपसर्ग (Foreign Prefixes)
आगत उपसर्ग वे उपसर्ग हैं जो अरबी, फ़ारसी, उर्दू तथा अंग्रेज़ी जैसी विदेशी भाषाओं से हिंदी में आए हैं।
उदाहरण
बे-, ला-, गैर-, बद-, खुश-, हम-, सब-, डिप्टी- आदि।
| उपसर्ग | अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| बे | बिना, रहित | बेईमान, बेकार, बेबस |
| बद | बुरा | बदनाम, बदमाश, बदबू |
| गैर | नहीं, अन्य | गैरकानूनी, गैरहाज़िर, गैरज़रूरी |
| खुश | अच्छा | खुशहाल, खुशबू, खुशनसीब |
| ना | नहीं | नापसंद, नालायक, नाराज़ |
| ला | रहित | लाचार, लापता, लावारिस |
| हम | साथ, समान | हमदर्द, हमराही, हमउम्र |
| सर | मुख्य | सरपंच, सरदार, सरताज |
| सब | अधीन | सब-इंस्पेक्टर, सब-जज, सब-कमेटी |
| डिप्टी | सहायक | डिप्टी कलेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर, डिप्टी मैनेजर |
| वाइस | उप, सहायक | वाइस प्रिंसिपल, वाइस प्रेसिडेंट, वाइस चेयरमैन |
हिन्दी के प्रमुख उपसर्ग
| उपसर्ग | सामान्य अर्थ | उदाहरण |
|---|---|---|
| अ | नहीं | असंभव, अशुद्ध, असमान |
| अन | अभाव | अनजान, अनपढ़, अनसुना |
| सु | अच्छा | सुलेख, सुमन, सुपात्र |
| कु | बुरा | कुपुत्र, कुचाल, कुकर्म |
| पर | दूसरा | परलोक, परहित, परोपकार |
| भर | पूरा | भरपूर, भरसक, भरपेट |
| बिन | बिना | बिनजल, बिनधन, बिनमोल |
उपसर्ग जोड़कर बने शब्द
| उपसर्ग | मूल शब्द | नया शब्द |
|---|---|---|
| अ | न्याय | अन्याय |
| सु | कर्म | सुकर्म |
| कु | कर्म | कुकर्म |
| प्र | चार | प्रचार |
| परि | वार | परिवार |
| वि | ज्ञान | विज्ञान |
| सम | बंध | संबंध |
| उप | वन | उपवन |
परीक्षा में पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण प्रश्न
प्रश्न 1. उपसर्ग किसे कहते हैं?
उत्तर: जो शब्दांश मूल शब्द के पहले जुड़कर उसके अर्थ में परिवर्तन करते हैं, उन्हें उपसर्ग कहते हैं।
प्रश्न 2. उपसर्ग और प्रत्यय में क्या अंतर है?
उत्तर: उपसर्ग शब्द के पहले लगता है जबकि प्रत्यय शब्द के अंत में लगाया जाता है।
MCQs
1. उपसर्ग कहाँ लगता है?
A. बीच में
B. अंत में
C. शुरुआत में
D. कहीं भी
उत्तर: C
2. “सुपुत्र” में उपसर्ग कौन-सा है?
A. पुत्र
B. सु
C. त्र
D. सुप
उत्तर: B
अभ्यास
रिक्त स्थान भरिए
- ___ + सत्य = असत्य
- ___ + पुत्र = सुपुत्र
- ___ + कर्म = कुकर्म
- ___ + ज्ञान = विज्ञान
- ___ + हित = परहित
मिलान कीजिए
| A | B |
|---|---|
| अ | सत्य |
| सु | पुत्र |
| कु | कर्म |
| पर | हित |
FAQs
उपसर्ग क्या होता है?
शब्द के आरंभ में लगने वाला वह शब्दांश जो अर्थ बदल देता है, उपसर्ग कहलाता है।
हिंदी में कितने प्रमुख उपसर्ग हैं?
हिंदी में लगभग 13 प्रमुख उपसर्ग प्रचलित माने जाते हैं।
क्या उपसर्ग का स्वतंत्र अर्थ होता है?
नहीं, उपसर्ग का स्वतंत्र प्रयोग नहीं होता। यह केवल किसी शब्द के साथ जुड़कर अर्थ देता है।






