अब तक आपने स्वर संधि और व्यंजन संधि का अध्ययन किया। इस भाग में हम संधि के तीसरे और अंतिम प्रकार विसर्ग संधि को विस्तार से समझेंगे। यह विषय बोर्ड परीक्षाओं, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
इस अध्याय के अंत तक आप विसर्ग संधि की परिभाषा, नियम, उदाहरण, संधि-विच्छेद, सामान्य त्रुटियाँ, अभ्यास प्रश्न, MCQs और महत्वपूर्ण FAQs आसानी से समझ सकेंगे।

विसर्ग संधि क्या है? (Visarg Sandhi kise kahate hain)
जब किसी शब्द के अंत में विसर्ग (ः) हो और उसके बाद आने वाले स्वर या व्यंजन के कारण विसर्ग में परिवर्तन हो जाए, तब उस परिवर्तन को विसर्ग संधि कहते हैं।
सरल भाषा में
विसर्ग (ः) के बाद आने वाले वर्ण के प्रभाव से यदि उसका रूप बदल जाए, तो उसे विसर्ग संधि कहते हैं।
विसर्ग (ः) क्या है?
विसर्ग (ः) एक विशेष ध्वनि चिह्न है, जिसका उच्चारण हल्के “ह” की तरह होता है।
उदाहरण:
- दुःख
- निःस्वार्थ
- मनःस्थिति
- प्रातःकाल
इन शब्दों में ः विसर्ग है।
विसर्ग संधि क्यों होती है?
विसर्ग के बाद आने वाले वर्ण के अनुसार उच्चारण सरल बनाने के लिए उसका रूप बदल जाता है।
इसी कारण—
- मनः + हर → मनोहर
- निः + आशा → निराशा
विसर्ग संधि के प्रमुख नियम (Visarg Sandhi ke niyam)
विद्यालय स्तर पर निम्न नियम सबसे अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
नियम 1
विसर्ग का “ओ” में बदलना
यदि विसर्ग से पहले अ या आ हो तथा बाद में कोई स्वर अथवा ग, घ, ज, द, ध, ब, भ, म, य, र, ल, व आदि आए, तो विसर्ग ओ में बदल जाता है।
उदाहरण
| मूल शब्द | संधि |
|---|---|
| मनः + हर | मनोहर |
| मनः + बल | मनोबल |
| तपः + भूमि | तपोभूमि |
| यशः + गान | यशोगान |
| अधः + गति | अधोगति |
| पुरः + हित | पुरोहित |
याद रखने की ट्रिक
अ या आ के बाद विसर्ग आए और अगला वर्ण कोमल हो, तो अक्सर “ओ” बन जाता है।
नियम 2
विसर्ग का “र” बनना
यदि विसर्ग से पहले इ या उ की ध्वनि हो और बाद में स्वर आए, तो विसर्ग का रूप र हो जाता है।
उदाहरण
| मूल शब्द | नया शब्द |
|---|---|
| निः + आशा | निराशा |
| निः + आहार | निराहार |
| निः + अर्थक | निरर्थक |
| दुः + अवस्था | दुरवस्था |
| दुः + आचरण | दुराचरण |
नियम 3
विसर्ग का “श” बनना
यदि विसर्ग के बाद च, छ या श आए, तो विसर्ग बदलकर श हो जाता है।
उदाहरण
| मूल शब्द | संधि |
|---|---|
| निः + छल | निश्छल |
| निः + चिन्ता | निश्चिन्त |
| दुः + चरित्र | दुश्चरित्र |
| तपः + चर्या | तपश्चर्या |
| अन्तः + चेतना | अन्तश्चेतना |
नियम 4
विसर्ग का “ष” बनना
यदि विसर्ग के बाद क, ख, प, फ, ट, ठ या ष आए, तो विसर्ग प्रायः ष में बदल जाता है।
उदाहरण
| मूल शब्द | नया शब्द |
|---|---|
| निः + कपट | निष्कपट |
| निः + फल | निष्फल |
| निः + काम | निष्काम |
| निः + प्रयोजन | निष्प्रयोजन |
| बहिः + कार | बहिष्कार |
ट्रिक
क, ख, प, फ दिखाई दें तो “ष” बनने की संभावना याद रखें।
नियम 5
विसर्ग का “स्” बनना
यदि विसर्ग के बाद स या त आए, तो विसर्ग स् बन जाता है।
उदाहरण
| मूल शब्द | संधि |
|---|---|
| नमः + ते | नमस्ते |
| निः + संदेह | निस्संदेह |
| दुः + साहस | दुस्साहस |
| निः + स्वार्थ | निस्स्वार्थ |
| मनः + ताप | मनस्ताप |
नियम 6
विसर्ग का लोप
कुछ स्थितियों में विसर्ग पूरी तरह हट जाता है।
उदाहरण
| मूल शब्द | नया शब्द |
|---|---|
| अतः + एव | अतएव |
| ततः + एव | ततएव |
| पयः + आदि | पयआदि |
विसर्ग संधि की संक्षिप्त तालिका
| नियम | परिवर्तन | उदाहरण |
|---|---|---|
| 1 | ः → ओ | मनोहर |
| 2 | ः → र | निराशा |
| 3 | ः → श | निश्छल |
| 4 | ः → ष | निष्काम |
| 5 | ः → स् | नमस्ते |
| 6 | ः लुप्त | अतएव |
विसर्ग संधि के 10 उदाहरण (Visarg Sandhi ke 10 Examples)
| क्रमांक | संधि युक्त शब्द | संधि-विच्छेद |
|---|---|---|
| 1 | मनोहर | मनः + हर |
| 2 | मनोबल | मनः + बल |
| 3 | अधोगति | अधः + गति |
| 4 | तपोभूमि | तपः + भूमि |
| 5 | पुरोहित | पुरः + हित |
| 6 | निराशा | निः + आशा |
| 7 | निष्काम | निः + काम |
| 8 | निष्फल | निः + फल |
| 9 | नमस्ते | नमः + ते |
| 10 | निस्संदेह | निः + संदेह |
तीनों संधियों का एक साथ सारांश
| संधि | किसके मेल से बनती है? | उदाहरण |
|---|---|---|
| स्वर संधि | स्वर + स्वर | महोत्सव |
| व्यंजन संधि | व्यंजन + स्वर/व्यंजन | सज्जन |
| विसर्ग संधि | विसर्ग + स्वर/व्यंजन | मनोहर |
संधि पहचानने की आसान ट्रिक
यदि…
✔ दो स्वर मिलें → स्वर संधि
✔ व्यंजन बदल जाए → व्यंजन संधि
✔ (ः) दिखाई दे → विसर्ग संधि
संधि-विच्छेद कैसे करें?
चरण 1
पूरा शब्द पढ़िए।
चरण 2
संभावित संधि पहचानिए।
चरण 3
नियम याद कीजिए।
चरण 4
दो मूल शब्द अलग कीजिए।
उदाहरण
| संधि | संधि-विच्छेद |
|---|---|
| महोत्सव | महा + उत्सव |
| लोकेश | लोक + ईश |
| गणेश | गण + ईश |
| मनोहर | मनः + हर |
| निष्काम | निः + काम |
| निस्स्वार्थ | निः + स्वार्थ |
| सद्भावना | सत् + भावना |
| पर्यावरण | परि + आवरण |
| अनुच्छेद | अनु + छेद |
| परिणाम | परि + नाम |
विद्यार्थियों की सामान्य गलतियाँ
❌ केवल शब्द रटना।
❌ नियम याद न रखना।
❌ हर “ं” वाले शब्द को संधि मान लेना।
❌ समास और संधि में भ्रम करना।
❌ संधि-विच्छेद लिखते समय मूल शब्द बदल देना।
अभ्यास प्रश्न (Visarg Sandhi Worksheet)
(क) संधि का प्रकार बताइए
- महोत्सव
- राजेन्द्र
- मनोहर
- निष्काम
- सद्भावना
- परिणाम
- पर्यावरण
- सज्जन
- निस्संदेह
- गणेश
(ख) संधि-विच्छेद कीजिए
- तपोभूमि
- लोकेश
- महौषधि
- अनुच्छेद
- जगद्गुरु
- मनोबल
- निस्स्वार्थ
- श्रद्धानंद
- दुराचार
- स्वागत
वस्तुनिष्ठ प्रश्न (MCQs)
1. संधि के कुल कितने मुख्य प्रकार हैं?
(A) 2
(B) 3
(C) 4
(D) 5
उत्तर: (B)
2. “मनोहर” किस संधि का उदाहरण है?
(A) स्वर
(B) व्यंजन
(C) विसर्ग
(D) दीर्घ
उत्तर: (C)
3. “सज्जन” में कौन-सी संधि है?
(A) व्यंजन
(B) विसर्ग
(C) गुण
(D) दीर्घ
उत्तर: (A)
4. “पर्यावरण” किस संधि का उदाहरण है?
(A) यण संधि
(B) गुण संधि
(C) दीर्घ संधि
(D) विसर्ग संधि
उत्तर: (A)
5. “निष्काम” किस संधि का उदाहरण है?
(A) विसर्ग संधि
(B) स्वर संधि
(C) व्यंजन संधि
(D) वृद्धि संधि
उत्तर: (A)
6. “गणेश” किस संधि से बना है?
(A) गुण संधि
(B) यण संधि
(C) व्यंजन संधि
(D) विसर्ग संधि
उत्तर: (A)
7. “उद्धार” में कौन-सी संधि है?
(A) व्यंजन संधि
(B) विसर्ग संधि
(C) स्वर संधि
(D) अयादि संधि
उत्तर: (A)
8. “नमस्ते” में कौन-सी संधि है?
(A) विसर्ग संधि
(B) दीर्घ संधि
(C) यण संधि
(D) गुण संधि
उत्तर: (A)
9. “विद्यार्थी” में कौन-सी संधि है?
(A) दीर्घ संधि
(B) गुण संधि
(C) व्यंजन संधि
(D) विसर्ग संधि
उत्तर: (A)
10. संधि का मुख्य उद्देश्य क्या है?
(A) शब्द छोटा करना
(B) उच्चारण को सरल और प्रवाहपूर्ण बनाना
(C) वाक्य लंबा करना
(D) नया व्याकरण बनाना
उत्तर: (B)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. संधि किसे कहते हैं?
दो निकटवर्ती वर्णों के मेल से होने वाले ध्वनि परिवर्तन को संधि कहते हैं।
2. संधि कितने प्रकार की होती है?
संधि तीन प्रकार की होती है—
- स्वर संधि
- व्यंजन संधि
- विसर्ग संधि
3. स्वर संधि के कितने प्रकार होते हैं?
स्वर संधि पाँच प्रकार की होती है—
- दीर्घ
- गुण
- वृद्धि
- यण
- अयादि
4. संधि और संधि-विच्छेद में क्या अंतर है?
संधि में शब्द जुड़ते हैं, जबकि संधि-विच्छेद में जुड़े हुए शब्द अलग किए जाते हैं।
5. क्या संधि केवल संस्कृत में होती है?
नहीं। संधि के नियम संस्कृत में अधिक व्यवस्थित हैं, लेकिन हिंदी में भी अनेक शब्द संधि से बने हैं और विद्यालयी व्याकरण में इनका अध्ययन आवश्यक है।
6. संधि सीखने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
पहले नियम समझें, फिर उदाहरण देखें, उसके बाद नियमित रूप से संधि-विच्छेद और अभ्यास प्रश्न हल करें।






