हिंदी सीखते समय बच्चे स्वर, व्यंजन और मात्राओं के साथ कुछ विशेष चिह्नों का भी अध्ययन करते हैं। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण चिह्न विसर्ग (ः) है। यह देखने में एक के नीचे एक बने दो बिंदुओं (:) जैसा दिखाई देता है। दुःख, प्रातः, पुनः, स्वतः और अंततः जैसे शब्दों में इसका प्रयोग होता है।
छोटी कक्षाओं में इसे सामान्यतः “अः की मात्रा” या “विसर्ग की मात्रा” कहा जाता है। हालाँकि व्याकरण की दृष्टि से ः वास्तव में मात्रा नहीं, बल्कि विसर्ग-चिह्न है। बच्चों को आसान भाषा में समझाने के लिए हम इस लेख में प्रचलित शब्द “अः की मात्रा वाले शब्द” का भी प्रयोग करेंगे।
इस लेख में हम अः (विसर्ग) वाले शब्द, हिंदी वर्णों में इसका प्रयोग, शब्दों में विसर्ग जोड़ने का तरीका, सरल उदाहरण और वाक्य सीखेंगे।
अः (विसर्ग) क्या है?
अः का उच्चारण करते समय अ के बाद हल्की “ह्” जैसी श्वास-ध्वनि सुनाई देती है। इसे लिखने के लिए ः चिह्न लगाया जाता है।
अ + ः = अः
विसर्ग का चिह्न है — ः
उदाहरण
| शब्द | विसर्ग वाला रूप |
|---|---|
| दुख | दुःख |
| प्रात | प्रातः |
| पुन | पुनः |
| स्वत | स्वतः |
| अंतत | अंततः |
विसर्ग का सही उच्चारण शब्द और भाषा-प्रयोग के अनुसार थोड़ा बदल सकता है। इसलिए बच्चों को शब्द सुनाकर और बोलकर अभ्यास कराना उपयोगी होता है।
विसर्ग (ः) की पहचान कैसे करें?
विसर्ग की पहचान करना बहुत आसान है। किसी अक्षर के बाद यदि दो बिंदु एक के नीचे एक (ः) दिखाई दें, तो वह विसर्ग-चिह्न है।
उदाहरण:
दुःख
- इस शब्द में दु के बाद ः लगा है।
पुनः
- इस शब्द के अंत में ः लगा है।
प्रातःकाल
- यहाँ प्रातः के बाद काल जुड़ा है।
याद रखने की आसान ट्रिक
एक के नीचे एक दो बिंदु दिखें — विसर्ग (ः) समझें।
ध्यान दें कि अंग्रेजी का colon (:) और हिंदी का विसर्ग (ः) देखने में मिलते-जुलते हैं, लेकिन दोनों का प्रयोग अलग-अलग होता है।
हिंदी वर्णों में विसर्ग (ः) का प्रयोग
विसर्ग को समझने के लिए पहले यह देखना उपयोगी है कि किसी स्वर-युक्त अक्षर के बाद ः कैसे लिखा जाता है।
| वर्ण | विसर्ग जोड़ने पर |
|---|---|
| क | कः |
| ख | खः |
| ग | गः |
| च | चः |
| ज | जः |
| त | तः |
| द | दः |
| न | नः |
| प | पः |
| ब | बः |
| म | मः |
| य | यः |
| र | रः |
| ल | लः |
| व | वः |
| श | शः |
| स | सः |
| ह | हः |
महत्वपूर्ण: ऊपर की तालिका केवल यह समझाने के लिए है कि ः चिह्न अक्षर के बाद कैसे लिखा जाता है। हिंदी में ये सभी रूप स्वतंत्र शब्दों के रूप में सामान्यतः प्रयोग नहीं होते।
अलग-अलग स्वर-ध्वनियों के साथ विसर्ग
विसर्ग केवल अ ध्वनि वाले अक्षर के बाद ही नहीं आता। यह अन्य स्वर-युक्त रूपों के बाद भी दिखाई दे सकता है।
| रूप | उदाहरण |
|---|---|
| अः | प्रातः |
| इः | प्रायः संस्कृत रूपों में |
| उः | दुःख |
| एः | मुख्यतः संस्कृत प्रयोगों में |
| ओः | मुख्यतः संस्कृत प्रयोगों में |
हिंदी के सामान्य शब्दों में दुः, निः, प्रातः, पुनः, स्वतः जैसे रूप अधिक देखने को मिलते हैं।
शब्दों में विसर्ग (ः) जोड़ने का तरीका
विसर्ग को उस वर्ण या ध्वनि के बाद लिखा जाता है जिसके बाद विसर्ग की ध्वनि आती है।
उदाहरण 1
द + ु + ः + ख = दुःख
यहाँ द पर छोटी उ की मात्रा लगाकर दु बना और उसके बाद विसर्ग जोड़ने से दुःख शब्द बना।
उदाहरण 2
प + ु + न + ः = पुनः
यहाँ शब्द के अंत में विसर्ग लगाया गया है।
उदाहरण 3
स + ् + व + त + ः = स्वतः
यहाँ तः के बाद विसर्ग-चिह्न दिखाई देता है।
उदाहरण 4
प + ् + र + ा + त + ः = प्रातः
इस शब्द के अंत में ः लगाया गया है।
उदाहरण 5
अ + ं + त + त + ः = अंततः
यहाँ भी विसर्ग शब्द के अंतिम वर्ण के बाद आता है।
विसर्ग वाले शब्दों के उदाहरण
| दुःख | पुनः | स्वतः | प्रातः |
|---|---|---|---|
| अंततः | प्रायः | क्रमशः | विशेषतः |
| मुख्यतः | सामान्यतः | संभवतः | वस्तुतः |
| मूलतः | पूर्णतः | साधारणतः | तःकाल* |
*शब्दों का प्रयोग करते समय मानक वर्तनी और अर्थ अवश्य जाँचें; बच्चों के अभ्यास के लिए प्रचलित शब्द चुनना बेहतर है।
20+ अः (विसर्ग) वाले शब्द
- दुःख
- दुःखी
- दुःखद
- दुःस्वप्न
- दुःसाहस
- निःशब्द
- निःस्वार्थ
- निःसंदेह
- निःशुल्क
- निःसहाय
- प्रातः
- प्रातःकाल
- पुनः
- स्वतः
- अंततः
- प्रायः
- क्रमशः
- विशेषतः
- मुख्यतः
- सामान्यतः
- संभवतः
- वस्तुतः
- मूलतः
- पूर्णतः
- स्वभावतः
- साधारणतः
- अधःपतन
- मनःस्थिति
- मनःपूर्वक
- अंतःकरण
शुरुआत में विसर्ग वाले शब्द
हिंदी में सामान्यतः कोई शब्द सीधे ः से शुरू नहीं होता। विसर्ग किसी स्वर या स्वर-युक्त वर्ण के बाद आता है।
उदाहरण:
- दुःख
- निःशब्द
- अंतःकरण
- मनःस्थिति
इसलिए ः को अकेले शब्द की शुरुआत में नहीं लिखा जाता।
बीच में विसर्ग वाले शब्द
| क्रमांक | शब्द |
|---|---|
| 1 | दुःख |
| 2 | दुःखी |
| 3 | दुःखद |
| 4 | निःशब्द |
| 5 | निःस्वार्थ |
| 6 | निःशुल्क |
| 7 | अंतःकरण |
| 8 | मनःस्थिति |
| 9 | प्रातःकाल |
| 10 | अधःपतन |
अंत में विसर्ग वाले शब्द
| क्रमांक | शब्द |
|---|---|
| 1 | पुनः |
| 2 | स्वतः |
| 3 | प्रातः |
| 4 | अंततः |
| 5 | प्रायः |
| 6 | क्रमशः |
| 7 | विशेषतः |
| 8 | मुख्यतः |
| 9 | संभवतः |
| 10 | वस्तुतः |
| 11 | मूलतः |
| 12 | पूर्णतः |
बच्चों के लिए आसान विसर्ग वाले शब्द
शुरुआती विद्यार्थियों को पहले छोटे और प्रचलित शब्द सिखाने चाहिए।
| दुःख | पुनः | स्वतः |
|---|---|---|
| प्रातः | प्रायः | अंततः |
| क्रमशः | दुःखी | दुःखद |
| निःशब्द | निःशुल्क | मुख्यतः |
अः (विसर्ग) वाले शब्दों से वाक्य
- हमें दूसरों को दुःख नहीं देना चाहिए।
- रीना ने प्रश्न को पुनः पढ़ा।
- दरवाजा स्वतः बंद हो गया।
- मैं प्रातः जल्दी उठता हूँ।
- हम प्रातःकाल टहलने जाते हैं।
- कक्षा में निःशब्द बैठो।
- यह पुस्तक बच्चों को निःशुल्क मिली।
- उसने निःस्वार्थ भाव से सहायता की।
- अंततः हमारी टीम जीत गई।
- बच्चे क्रमशः कक्षा में आए।
- गर्मी में प्रायः तेज धूप रहती है।
- यह नियम मुख्यतः विद्यार्थियों के लिए है।
- वह अपने परिणाम से दुःखी था।
- संभवतः आज वर्षा होगी।
- उसने प्रसन्न मनःस्थिति में काम किया।
विसर्ग और दो बिंदु (:) में अंतर
बच्चे अक्सर विसर्ग (ः) और अंग्रेजी के colon (:) को एक जैसा समझ लेते हैं।
| विसर्ग (ः) | Colon (:) |
|---|---|
| हिंदी/संस्कृत का भाषाई चिह्न | विराम या लेखन चिह्न |
| शब्द का हिस्सा हो सकता है | वाक्य में सूचना या सूची से पहले आता है |
| उदाहरण: दुःख | उदाहरण: फल: आम, केला |
दोनों देखने में समान लग सकते हैं, लेकिन उनका काम अलग है।
विसर्ग वाले शब्द सीखने की आसान विधि
बच्चे इन चार चरणों से विसर्ग का अभ्यास कर सकते हैं:
पहचानें → बोलें → लिखें → वाक्य बनाएँ
उदाहरण:
दुःख → शब्द पढ़ें → तीन बार लिखें → वाक्य बनाएँ
वाक्य: हमें किसी को दुःख नहीं देना चाहिए।
इस प्रकार नियमित अभ्यास करने से बच्चे विसर्ग की वर्तनी आसानी से याद कर सकते हैं।
अभ्यास प्रश्न
रिक्त स्थान में विसर्ग (ः) लगाकर सही शब्द बनाइए
- दु_ख
- पुन_
- स्वत_
- प्रात_काल
- निःशब्द में विसर्ग चिह्न पहचानिए।
सही शब्द चुनिए
- दुःख / दुखः
- पुनः / पुनह
- स्वतः / स्वता
- प्रातःकाल / प्रातकालः
- अंततः / अंतता
वाक्य बनाइए
- दुःख
- पुनः
- स्वतः
- प्रातः
- निःशब्द
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- अः की मात्रा का चिह्न क्या है?
अः से जुड़ा चिह्न ः है, जिसे विसर्ग कहते हैं।
- क्या विसर्ग वास्तव में मात्रा है?
व्याकरण की दृष्टि से ः मात्रा नहीं, विसर्ग-चिह्न है। हालांकि बच्चों की पढ़ाई और सामान्य खोज में इसे अक्सर “अः की मात्रा” कहा जाता है।
- विसर्ग कैसा दिखाई देता है?
विसर्ग ः एक के नीचे एक बने दो बिंदुओं जैसा दिखाई देता है।
- विसर्ग वाले पाँच आसान शब्द कौन-से हैं?
दुःख, पुनः, स्वतः, प्रातः और अंततः विसर्ग वाले आसान शब्द हैं।
- क्या विसर्ग शब्द के बीच और अंत दोनों जगह आ सकता है?
हाँ। दुःख और निःशब्द में यह शब्द के बीच आता है, जबकि पुनः और स्वतः में शब्द के अंत में आता है।
निष्कर्ष
विसर्ग (ः) हिंदी और संस्कृत से आए अनेक शब्दों में प्रयोग होने वाला एक महत्वपूर्ण चिह्न है। बच्चे इसे दो बिंदुओं वाले चिह्न के रूप में आसानी से पहचान सकते हैं। दुःख, पुनः, स्वतः, प्रातः, निःशब्द और अंततः जैसे शब्दों के नियमित अभ्यास से वे विसर्ग का सही प्रयोग सीख सकते हैं।
विसर्ग सीखते समय केवल शब्दों की सूची याद करने के बजाय बच्चों को शब्द पढ़ने, लिखने और उनसे छोटे वाक्य बनाने का अभ्यास कराना चाहिए। इससे उनकी हिंदी वर्तनी, उच्चारण और पढ़ने की क्षमता बेहतर होती है।
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