हिंदी भाषा में ऋ (ृ) की मात्रा का प्रयोग अन्य मात्राओं की तुलना में कम दिखाई देता है, इसलिए विद्यार्थी अक्सर ृ की मात्रा, रेफ (र्) और रकार (्र) में भ्रम कर जाते हैं। देखने में ये चिह्न कुछ हद तक समान लग सकते हैं, लेकिन इनकी ध्वनि, बनावट और प्रयोग बिल्कुल अलग हैं।
इस लेख में हम ऋ की मात्रा वाले 100+ शब्द, उसके प्रयोग का तरीका, उदाहरण, वाक्य, अभ्यास प्रश्न तथा ऋ की मात्रा, रेफ और रकार के बीच अंतर विस्तार से समझेंगे।
ऋ क्या है?
ऋ हिंदी वर्णमाला का एक स्वर है। जब स्वतंत्र रूप से इसका प्रयोग होता है, तब हम ऋ लिखते हैं।
ऋ से शुरू होने वाले शब्द
- ऋषि
- ऋतु
- ऋण
- ऋचा
- ऋग्वेद
- ऋषिका
- ऋषिकेश
- ऋणदाता
जब ऋ किसी व्यंजन के साथ जुड़ता है, तब उसका मात्रा-चिह्न ृ हो जाता है।
उदाहरण
| व्यंजन | ऋ की मात्रा | नया रूप |
|---|---|---|
| क | ृ | कृ |
| ग | ृ | गृ |
| त | ृ | तृ |
| द | ृ | दृ |
| न | ृ | नृ |
| प | ृ | पृ |
| ब | ृ | बृ |
| म | ृ | मृ |
| व | ृ | वृ |
| श | ृ | शृ |
| स | ृ | सृ |
| ह | ृ | हृ |
ऋ (ृ) की मात्रा कहाँ लगती है?
ृ की मात्रा व्यंजन के नीचे लगती है।
उदाहरण:
क + ृ = कृ
म + ृ = मृ
व + ृ = वृ
ह + ृ = हृ
इस मात्रा का प्रयोग मुख्य रूप से संस्कृत से आए तत्सम शब्दों में मिलता है।
ऋ और ृ में क्या अंतर है?
| ऋ | ृ |
|---|---|
| यह स्वतंत्र स्वर है। | यह ऋ की मात्रा है। |
| शब्द के आरंभ में स्वतंत्र रूप से आ सकता है। | यह किसी व्यंजन के साथ जुड़ती है। |
| उदाहरण – ऋषि | उदाहरण – कृपा |
| उदाहरण – ऋतु | उदाहरण – वृक्ष |
आसान ट्रिक
अकेला ऋ = स्वर
व्यंजन के नीचे ृ = ऋ की मात्रा
ऋ की मात्रा वाले शब्द कैसे बनते हैं?
आइए कुछ शब्दों की रचना समझते हैं।
| वर्णों का मेल | शब्द |
|---|---|
| क + ृ + प + ा | कृपा |
| क + ृ + ष + क | कृषक |
| ग + ृ + ह | गृह |
| म + ृ + ग | मृग |
| व + ृ + क्ष | वृक्ष |
| ह + ृ + द + य | हृदय |
| प + ृ + थ + क | पृथक |
| द + ृ + श् + य | दृश्य |
100+ ऋ (ृ) की मात्रा वाले शब्द
नीचे दिए गए शब्दों में ृ की मात्रा का प्रयोग हुआ है।
कृ से बनने वाले शब्द
| कृपा | कृपया | कृपालु | कृपाण |
|---|---|---|---|
| कृत्रिम | कृति | कृतज्ञ | कृतघ्न |
| कृतज्ञता | कृतार्थ | कृतित्व | कृत्य |
| कृषक | कृषि | कृषकवर्ग | कृषिभूमि |
| कृषियोग्य | कृष्ण | कृष्णा | कृष्णपक्ष |
| कृश | कृमि | कृशकाय | कृपादृष्टि |
गृह और गृ से बनने वाले शब्द
|
गृह |
गृहस्थ | गृहस्थी | गृहिणी |
|---|---|---|---|
| गृहकार्य | गृहप्रवेश | गृहनगर | गृहमंत्री |
| गृहस्वामी | गृहयुद्ध | गृहविज्ञान | गृहक्षेत्र |
| गृहकार्य | गृहस्थाश्रम | गृहसज्जा | गृहवापसी |
तृ से बनने वाले शब्द
| तृण | तृतीय | तृतीया | तृप्त |
|---|---|---|---|
| तृप्ति | तृषा | तृषित | तृष्णा |
| तृणभूमि | तृणमूल | तृप्तिकर | तृप्तिहीन |
दृ से बनने वाले शब्द
| दृढ़ | दृष्टि | दृश्य | दृष्टिकोण |
|---|---|---|---|
| दृष्टांत | दृष्टिगोचर | दृष्टिहीन | दृढ़ता |
| दृढ़संकल्प | दृढ़निश्चय | दृश्यमान | दृश्यावली |
| दृश्यांकन | दृष्टिपात | दृष्टिभ्रम | दृष्टिकोण |
नृ से बनने वाले शब्द
| नृत्य | नृत्यकार | नृत्यकला | नृत्यांगना |
|---|---|---|---|
| नृप | नृपति | नृशंस | नृजाति |
पृ से बनने वाले शब्द
| पृथ्वी | पृथक | पृथक्करण | पृथकता |
|---|---|---|---|
| पृष्ठ | पृष्ठभूमि | पृष्ठभाग | पृष्ठांक |
| पृष्ठभूमि | पृष्ठीय | पृथ्वीवासी | पृथ्वीराज |
बृ से बनने वाले शब्द
| बृहद् | बृहस्पति | बृहत्तर | बृहदाकार |
|---|---|---|---|
| बृहत् | बृहदांत्र | बृहन्मुंबई | बृहद्रूप |
मृ से बनने वाले शब्द
| मृग | मृगी | मृगया | मृगछाला |
|---|---|---|---|
| मृदु | मृदुल | मृदा | मृत्तिका |
| मृत्यु | मृत | मृतक | मृत्युदंड |
| मृत्युलोक | मृदंग | मृणाल | मृगतृष्णा |
| मृतप्राय | मृतजीवी | मृत्युभय | मृदुभाषी |
वृ से बनने वाले शब्द
| वृक्ष | वृक्षारोपण | वृक्षावली | वृक्षहीन |
|---|---|---|---|
| वृत्त | वृत्ति | वृत्तांत | वृत्ताकार |
| वृद्ध | वृद्धि | वृद्धावस्था | वृद्धजन |
| वृषभ | वृष्टि | वृंद | वृंदावन |
| वृथा | वृहत् | वृक्षवासी | वृक्षछाया |
शृ, सृ और हृ से बनने वाले शब्द
| शृंखला | श्रृंगार | सृजन | सृष्टि |
|---|---|---|---|
| सृजक | सृजनशील | सृजनात्मक | सृष्टिकर्ता |
| हृदय | हृदयहीन | हृदयस्पर्शी | हृदयाघात |
| हृदय रोग | हृष्ट-पुष्ट | हृदयवान | हृदयस्थ |
ऋ की मात्रा वाले 20 आसान शब्द
| कृपा | कृषक | कृषि | कृष्ण |
|---|---|---|---|
| गृह | तृप्त | दृश्य | दृष्टि |
| नृत्य | पृथ्वी | पृष्ठ | मृग |
| मृत्यु | मृदु | वृक्ष | वृद्ध |
| वृद्धि | सृष्टि | सृजन | हृदय |
ऋ से शुरू होने वाले शब्द और ऋ की मात्रा वाले शब्द में अंतर
यह अंतर समझना बहुत आवश्यक है।
| ऋ से शुरू होने वाले शब्द | ृ की मात्रा वाले शब्द |
|---|---|
| ऋषि | कृषक |
| ऋतु | गृह |
| ऋण | वृक्ष |
| ऋचा | मृग |
| ऋग्वेद | पृथ्वी |
| ऋषिका | हृदय |
ऋषि में स्वतंत्र स्वर ऋ आया है, जबकि वृक्ष में व + ृ = वृ बना है।
ऋ की मात्रा, रेफ और रकार में क्या अंतर है?
यह विद्यार्थियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण भाग है।
1. ऋ की मात्रा (ृ)
ृ स्वर ऋ की मात्रा है। यह व्यंजन के नीचे लगती है।
उदाहरण
- कृपा
- गृह
- मृग
- वृक्ष
- पृथ्वी
- हृदय
वृक्ष = व + ृ + क्ष
यहाँ व के नीचे ृ है। इसलिए यह ऋ की मात्रा है।
2. रेफ (र्)
जब र पहले आता है और उसके बाद कोई दूसरा व्यंजन आता है, तब र् प्रायः अगले व्यंजन के ऊपर रेफ के रूप में दिखाई देता है।
उदाहरण
- कर्म
- धर्म
- वर्ग
- पर्व
- अर्थ
- गर्भ
- सूर्य
उदाहरण:
कर्म = क + र् + म
यहाँ र्, म से पहले बोला जाता है। इसलिए यह रेफ है।
रेफ पहचानने की ट्रिक
र पहले बोले तो रेफ।
3. रकार (्र)
जब किसी व्यंजन के बाद र आता है, तब र व्यंजन के साथ जुड़कर संयुक्त रूप बनाता है। इसे रकार कहते हैं।
उदाहरण
- क्रम
- क्रोध
- ग्रह
- ग्राम
- प्रकाश
- प्रेम
- ब्रज
- द्रव
- श्रम
उदाहरण:
क्रम = क् + र + म
यहाँ पहले क और उसके बाद र की ध्वनि आती है। इसलिए क्र में रकार है।
रकार पहचानने की ट्रिक
र बाद में बोले तो रकार।
ऋ की मात्रा, रेफ और रकार की तुलना
| आधार | ऋ की मात्रा | रेफ | रकार |
|---|---|---|---|
| रूप | ृ | र् | ्र / संयुक्त रूप |
| क्या है? | स्वर ऋ की मात्रा | आधा र | व्यंजन के बाद जुड़ा र |
| उच्चारण | ऋ/ृ की ध्वनि | र पहले | र बाद में |
| उदाहरण | वृक्ष | कर्म | क्रम |
| दूसरा उदाहरण | मृग | धर्म | प्रेम |
| तीसरा उदाहरण | कृपा | पर्व | ग्रह |
तीन शब्दों से अंतर समझिए
वृक्ष
व + ृ + क्ष = वृक्ष
➡ यहाँ ऋ की मात्रा है।
वर्ग
व + र् + ग = वर्ग
➡ यहाँ र पहले बोला जाता है, इसलिए रेफ है।
व्रत
व् + र + त = व्रत
➡ यहाँ व के बाद र बोला जाता है, इसलिए रकार है।
सबसे आसान सूत्र
वृ = ऋ की मात्रा
र्व = रेफ
व्र = रकार
एक और उदाहरण से समझें
| शब्द | पहचान | कारण |
|---|---|---|
| कृपा | ऋ की मात्रा | क + ृ = कृ |
| कर्म | रेफ | क + र् + म |
| क्रम | रकार | क् + र = क्र |
इसलिए कृ, र्क/र्म जैसे रेफ वाले रूप और क्र एक-दूसरे से अलग हैं।
ऋ की मात्रा वाले 20 वाक्य
- हमें सभी पर कृपा करनी चाहिए।
- कृषक खेत में काम करता है।
- भारत एक कृषि प्रधान देश है।
- मेरा गृहकार्य पूरा हो गया।
- भोजन करके मैं तृप्त हो गया।
- यह दृश्य बहुत सुंदर है।
- हमें अपना दृष्टिकोण सकारात्मक रखना चाहिए।
- सीमा सुंदर नृत्य करती है।
- पृथ्वी सूर्य की परिक्रमा करती है।
- पुस्तक का अगला पृष्ठ खोलो।
- जंगल में एक मृग दौड़ रहा है।
- पानी के बिना वृक्ष सूख सकता है।
- हमें अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना चाहिए।
- नियमित अभ्यास से ज्ञान में वृद्धि होती है।
- भगवान ने सुंदर सृष्टि बनाई है।
- कलाकार नए विचारों का सृजन करता है।
- हमारा हृदय शरीर का महत्वपूर्ण अंग है।
- वह अपने निर्णय पर दृढ़ रहा।
- दादी अब वृद्धावस्था में हैं।
- बच्चों ने नाटक में सुंदर दृश्य प्रस्तुत किया।
विद्यार्थियों की सामान्य गलतियाँ
❌ कृपा को “क्रिपा” लिखना
सही शब्द है: कृपा
❌ वृक्ष को “व्रक्ष” समझना
सही बनावट है: व + ृ + क्ष = वृक्ष
❌ गृह को “ग्रह” समझना
दोनों अलग शब्द हैं:
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| गृह | घर |
| ग्रह | Planet / आकाशीय पिंड |
गृह में ऋ की मात्रा है, जबकि ग्रह में रकार है।
❌ दृष्टि और द्रष्टि में भ्रम
मानक शब्द है: दृष्टि
अभ्यास प्रश्न
अभ्यास 1: खाली स्थान में ृ की मात्रा लगाकर शब्द पूरा कीजिए
- क__पा
- व__क्ष
- म__ग
- ग__ह
- प__थ्वी
- ह__दय
- द__श्य
- क__षक
- स__ष्टि
- व__द्धि
उत्तर
- कृपा
- वृक्ष
- मृग
- गृह
- पृथ्वी
- हृदय
- दृश्य
- कृषक
- सृष्टि
- वृद्धि
अभ्यास 2: ऋ की मात्रा वाले शब्द चुनिए
- कर्म / कृपा
- क्रम / कृषक
- ग्रह / गृह
- व्रत / वृक्ष
- धर्म / दृश्य
- प्रेम / पृथ्वी
उत्तर
कृपा, कृषक, गृह, वृक्ष, दृश्य, पृथ्वी
अभ्यास 3: बताइए—ऋ की मात्रा, रेफ या रकार?
| शब्द | आपका उत्तर |
|---|---|
| कृपा | ______ |
| कर्म | ______ |
| क्रम | ______ |
| वृक्ष | ______ |
| वर्ग | ______ |
| व्रत | ______ |
| गृह | ______ |
| धर्म | ______ |
| ग्रह | ______ |
उत्तर
| शब्द | सही पहचान |
|---|---|
| कृपा | ऋ की मात्रा |
| कर्म | रेफ |
| क्रम | रकार |
| वृक्ष | ऋ की मात्रा |
| वर्ग | रेफ |
| व्रत | रकार |
| गृह | ऋ की मात्रा |
| धर्म | रेफ |
| ग्रह | रकार |
अभ्यास 4: सही शब्द चुनिए
- कृपा / क्रपा
- वृक्ष / व्रक्ष
- गृह / ग्रृह
- पृथ्वी / प्रथ्वी
- हृदय / ह्रदय
- सृष्टि / स्रष्टि
उत्तर
कृपा, वृक्ष, गृह, पृथ्वी, हृदय, सृष्टि
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
- ऋ की मात्रा का चिन्ह क्या है?
ऋ की मात्रा का चिन्ह ृ है।
- ऋ की मात्रा कहाँ लगती है?
ऋ की मात्रा व्यंजन के नीचे लगती है, जैसे कृ, वृ, मृ, हृ।
- ऋ और ृ में क्या अंतर है?
ऋ एक स्वतंत्र स्वर है, जबकि ृ उसी स्वर का मात्रा-चिह्न है।
- ऋ की मात्रा वाले कुछ आसान शब्द कौन-से हैं?
कृपा, कृषक, गृह, मृग, वृक्ष, पृथ्वी, दृश्य, सृष्टि और हृदय।
- ऋ की मात्रा और रकार में क्या अंतर है?
कृपा में ृ ऋ की मात्रा है, जबकि क्रम में क्र रकार का रूप है।
- रेफ और रकार में क्या अंतर है?
जब र पहले बोला जाता है, तो रेफ होता है, जैसे कर्म। जब र किसी व्यंजन के बाद बोला जाता है, तो रकार होता है, जैसे क्रम।
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